Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में हमारे लिठअसामानà¥à¤¯ और अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को मनोविकार कहा जाता है। ये धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं। मनोविकारों के बहà¥à¤¤ से कारक हैं, जिनमें आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकता, कमजोर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ, सहनशीलता का अà¤à¤¾à¤µ, बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अनà¥à¤à¤µ, तनावपूरà¥à¤£ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और इनका सामना करने की असामरà¥à¤¥à¥à¤¯ समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैं।
वे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हल कर पाना à¤à¤µà¤‚ उनका सामना करना किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 'तनाव के कारक' कहते हैं। तनाव किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर à¤à¤¸à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं व मांगों को थोप देता है जिसे पूरा करना वह अति दूà¤à¤° और मà¥à¤¶à¥à¤•िल समà¤à¤¤à¤¾ है। इन मांगों को पूरा करने में लगातार असफलता मिलने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में मानसिक तनाव पैदा होता है।
तनाव : अशांत मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ के रूप में
आज के समय में तनाव लोगों के लिठबहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ अनà¥à¤à¤µ बन चà¥à¤•ा है, जो कि अधिसंखà¥à¤¯ दैहिक और मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ होता है। तनाव की पारंपरिक परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ दैहिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। हैंस शैले ( Hans Selye) ने 'तनाव' (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸) शबà¥à¤¦ को खोजा और इसकी परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ शरीर की किसी à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता के आधार पर अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के रूप में की। हैंस शैले की पारिà¤à¤¾à¤·à¤¾ का आधार दैहिक है और यह हारमोनà¥à¤¸ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को अधिक महतà¥à¤µ देती है, जो à¤à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤¨à¤² और अनà¥à¤¯ गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤°à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं।
शैले ने दो पà¥à¤°à¤•ार के तनावों की संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ की-
(क) यूसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ (eustress) अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ मधयम और इचà¥à¤›à¤¿à¤¤ तनाव जैसे कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—ी खेल खेलते समय
(ख) विपतà¥à¤¤à¤¿ (distress/डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸) जो बà¥à¤°à¤¾, असंयमित, अतारà¥à¤•िक या अवांछित तनाव है।
तनाव पर नवीन उपागम वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को उपलबà¥à¤§ समायोजी संसाधनों के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ की à¤à¥‚मिका पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है। मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन और समायोजन की अनà¥à¤¯à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¥à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के वातावरण à¤à¤µà¤‚ उसके अनà¥à¤•ूलन के बीच समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करती है। अनà¥à¤•ूलन वह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है जिस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दैहिक, मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• और सामाजिक हित के इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने के लिठअपने आसपास की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¤µà¤‚ वातावरण को वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करता है।
मनोविकारों के पà¥à¤°à¤•ार
तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करते समय आमतौर पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ समसà¥à¤¯à¤¾ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ या मनोà¤à¤¾à¤µ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ कूटनीतियों को अपनाता है। समसà¥à¤¯à¤¾ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ नीति दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने बौदà¥à¤µà¤¿à¤• साधानों के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का समाधान ढूंढता है और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ समाधान की ओर पहà¥à¤‚चता है। मनोà¤à¤¾à¤µ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ नीति दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करते समय वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करता है जैसे चिलà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿, यदि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तनाव का सामना करने में असमरà¥à¤¥ होता है तब वह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤•-अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ कूटनीति की ओर रूà¤à¤¾à¤¨ कर लेता है, यदि ये बारबार अपनाठजाà¤à¤‚ तो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मनोविकार उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤•-अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना करने में समरà¥à¤¥ नहीं बनाते, ये केवल अपनी कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¸à¤‚गत दिखाने का जरिया मातà¥à¤° है।
शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे जà¥à¤µà¤°, खांसी, जà¥à¤•ाम इतà¥à¤¯à¤¦à¤¿ ये विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के मनोविकार होते हैं। इन वरà¥à¤—ों के मनोविकारों की सूची नà¥à¤¯à¥‚नतम वà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¤à¤¾ से लेकर गंà¤à¥€à¤° मनोविकारों जैसे मनोà¤à¤¾à¤œà¤¨ या खंडित मानसिकता तक है। अमेरिकी मनोविकारी संघ (American Psychiatric Association) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मनोविकारों पर नैदानिक और सांखà¥à¤¯à¤¿à¤•ीय नियम पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ( Diagnostic and Statistical Manual of Mental Disorders (DSM)) को पà¥à¤°à¤•ाशित किया गया है जिस में विविध पà¥à¤°à¤•ार के मानसिक विकारों का उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया गया है। मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की जो शाखा विकारों का समाधान खोजती है उसे असामानà¥à¤¯ मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ कहा जाता है।
बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के विकार
ये जान कर शायद आपको आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ हो कि बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ मनोविकारों का शिकार हो सकते हैं। डीà¤à¤¸à¤à¤®, का चौथा संसà¥à¤•रण बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के विकारों का समाधान ढूंढता है, आमतौर पर यह पहली बार शैशवकाल, बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ या किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में पहचान में आते हैं। इन में से कà¥à¤› सावधान-अà¤à¤¾à¤µ अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ विकार पाठजाते हैं जिसमें बचà¥à¤šà¤¾ सावधान या à¤à¤•ागà¥à¤° नहीं रहता या वह अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करता है। और सà¥à¤µà¤²à¥€à¤¨ विकार जिसमें बचà¥à¤šà¤¾ अंतरà¥à¤®à¥à¤–ी हो जाता है, बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¾ और देर से à¤à¤¾à¤·à¤¾ सीखता है।
वà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¤à¤¾ विकार
यदि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बिना किसी विशेष कारण के डरा हà¥à¤†, à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ या चिंता महसूस करता है तो कहा जा सकता है कि वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¤à¤¾ विकार (Anxiety disorder) से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ है। वà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¤à¤¾ विकार के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार होते हैं जिसमें चिंता की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रूपों में दिखाई देती है। इनमें से कà¥à¤› विकार किसी चीज से अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ और तरà¥à¤•रहित डर के कारण होते हैं और जà¥à¤¨à¥‚नी-बाधà¥à¤¯à¤•ारी विकार जहां कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बारबार à¤à¤• ही बात सोचता रहता है और अपनी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को दोहराता है।
मनोदशा विकार
वे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो मनोदशा विकार (मूड डिसॉरà¥à¤¡à¤°) के अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं उनके मनोà¤à¤¾à¤µ दीरà¥à¤˜à¤•ाल तक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित हो जाते हैं, वे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किसी à¤à¤• मनोà¤à¤¾à¤µ पर सà¥à¤¥à¤¿à¤° हो जाते हैं, या इन à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अदल-बदल करते रहते हैं। उदाहरण सà¥à¤µà¤°à¥‚प चाहे कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤› दिनों तक उदास रहे या किसी à¤à¤• दिन उदास रहे और दूसरे ही दिन खà¥à¤¶ रहे, उस के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से कà¥à¤› संबंध न हो। इस तरह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर आशà¥à¤°à¤¿à¤¤ मनोदशा विकार दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं -
(क) अवसाद, और
(ख) दà¥à¤µà¤¿à¤§à¥à¤°à¥à¤µà¥€à¤¯ विकार।
अवसाद à¤à¤¸à¥€ मानसिक अवसà¥à¤¥à¤¾ है जो कि उदासी, रूचि का अà¤à¤¾à¤µ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ का अà¤à¤¾à¤µ, अशांत निदà¥à¤°à¤¾ व नींद घट जाना, कम à¤à¥‚ख लगना, वजन कम हो ना, या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‚ख लगना व वजन बढ़ना, आलस, दोषी महसूस करना, अयोगà¥à¤¯à¤¤à¤¾, असहायता, निराशा, à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करने में परे शानी और अपने व दूसरों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ नकरातà¥à¤®à¤• विचारधारा के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है। यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को इस तरह के à¤à¤¾à¤µ नà¥à¤¯à¥‚नतम दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रहें तो उसे अवसादगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ कहा जा सकता है और उस के उपचार के लिठउसे शीघà¥à¤° नैदानिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करवाना आवशà¥à¤¯à¤• है।
मनोदैहिक और दैहिकरूप विकार
आज के समय में कà¥à¤› बीमारियाठबहà¥à¤¤ ही साधारण बन चà¥à¤•ी हैं जैसे निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ आदि। वैसे तो ये सब शारीरिक बीमारियाठहैं परंतॠये मनावैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारणों जैसे तनाव व चिंता से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती हैं। अतः मनोदैहिक विकार वे मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं जो शारीरिक लकà¥à¤·à¤£ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€à¤‚ हैं, लेकिन इसके कारण मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• होते है। वहीं मनोदैहिक की अवधारणा में मन का अरà¥à¤¥ मानस है और दैहिक का अरà¥à¤¥ शरीर है। इसके विपरीत दैहिकरूप विकार, वे विकार हैं जिनके लकà¥à¤·à¤£ शारीरिक है परंतॠइनके जैविक कारण सामने नहीं आते। उदाहरण के लिठयदि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पेटदरà¥à¤¦ की शिकायत कर रहा है परंतॠतब à¤à¥€ जब उसके उस खास अंग अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ पेट में किसी तरह की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती।
विघटनशील विकार
किसी-किसी अà¤à¤¿à¤˜à¤¾à¤¤à¤œ घटना के बाद वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपना पिछला असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ, गत घटनाà¤à¤‚ और आस-पास के लोगों को पहचानने में असमरà¥à¤¥ हो जाता है। नैदानिक मनोविजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को विघटनशील विकार (Dissociative disorders) कहा जाता है, जिसमें किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ समाजचà¥à¤¯à¥à¤¤ व समाज से पृथक हो जाता है।
विघटनशील सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿à¤²à¥‹à¤ª ( dissociative amnesia), विघटनशील मनोविकार का à¤à¤• वरà¥à¤— है, जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आमतौर पर किसी तनावपूरà¥à¤£ घटना के बाद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सूचना को याद करने में असमरà¥à¤¥ हो जाता है। विघटन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपने नये असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को महसूस करता है। दूसरा वरà¥à¤— विघटनशील पहचान विकार (dissociative identity disorder) है जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी याददाशà¥à¤¤ तो खो ही देता है वहीं नये असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ करने लगता है। अनà¥à¤¯ वरà¥à¤— वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µà¤²à¥‹à¤ª विकार है, जिसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अचानक बदलाव या à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से विचितà¥à¤° महसूस करता है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इस पà¥à¤°à¤•ार महसूस करता है जैसे उसने अपने शरीर को तà¥à¤¯à¤¾à¤— दिया हो या फिर उस की गतिविधियां अचानक से यांतà¥à¤°à¤¿à¤• या सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ के जैसी हो जाती है। हालांकि विघटन मनोविकार की सब से गमà¥à¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो ती है जब कोई à¤à¤•ाधिक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मनोविकार व विघटन असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मनोविकार से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में विविध वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ à¤à¤• ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग समय पर पà¥à¤°à¤•ट होते हैं।
मनोविदलन और मनसà¥à¤¤à¤¾à¤ªà¥€ (Psychotic) विकार
आपने सड़क पर कà¤à¥€ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गंदे कपड़ों में, कूड़े के आसपास पड़े असà¥à¤µà¤šà¥à¤› à¤à¥‹à¤œà¤¨ को खाते या फिर अजीब तरीके से बातचीत या वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते हà¥à¤ देखा होगा। उनमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ व समय के विषय में कमजोर अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¸ होता है। हम अकà¥à¤¸à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पागल, बेसà¥à¤§à¤¾ आदि कह देते हैं, परंतॠनैदानिक à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मनोविदलित कहते हैं। ये मनोविकार की à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है, जो अशांत विचारों, मनोà¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ व वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से होते हैं। मनोविदलन विकारों में असंगत मानसिकता, दोषपूरà¥à¤£ अà¤à¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾, संचालक कारà¥à¤¯à¤•लापों में बाधा, नीरस व अनà¥à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤¾à¤µ होते हैं। इससे गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता से निरà¥à¤²à¤¿à¤ªà¥à¤¤ रहते हैं और अकà¥à¤¸à¤° कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤•ता और à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में खोये रहते है।
विà¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति का अरà¥à¤¥ किसी à¤à¤¸à¥€ चीज को देखना है जो वासà¥à¤¤à¤µ में à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• रूप से वहाठनहीं होती, कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ आवाजें जो वहां पर वासà¥à¤¤à¤µ में नहीं हैं। à¤à¥à¤°à¤®à¤¾à¤¸à¤•à¥à¤¤à¤¿ वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अंधाविशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है इस तरह के विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ दूसरों से समà¥à¤¬à¤‚ध विचà¥à¤›à¥‡à¤¦ करते हैं। मनोविदलन के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार हैं जैसे कैटाटोनिक मनोविदलन।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मनोविकार
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार (परà¥à¤¸à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ डिसॉरà¥à¤¡à¤°) की जड़ें किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शैशव काल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€à¤‚ होती हैं, जहां कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ लोचहीन व अशà¥à¤¦à¥à¤µ विचारधारा विकसित कर लेते हैं। ये विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मनोविकार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में हानिरहित अलगाव से ले कर à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¹à¥€à¤¨ कà¥à¤°à¤®à¤¿à¤• हतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡ के रूप में सामने आते हैं। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मनोविकारों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को तीन समूहों में वरà¥à¤—ीकृत किया जा सकता है। पहले, समूह की विशेषता अजीब और सनकी वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° है। चिंता और शक दूसरे समूह की विशेषता है और तीसरे समूह की विशेषता है नाटकीय, à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और अनियमित वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥¤ पहले समूह में वà¥à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤¹à¤¾à¤, अनà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¾, पागल (सिज़ोटाइपल) वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैं। दूसरे समूह में आशà¥à¤°à¤¿à¤¤, परिवरà¥à¤œà¤¿à¤¤, जà¥à¤¨à¥‚नी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मनोविकार बताठगठहैं। असामाजिक, सीमावरà¥à¤¤à¥€, अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ (हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•), आतà¥à¤®à¤®à¥‹à¤¹à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार तीसरे समूह के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त आते हैं।
मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के मनोविकारों से निपटने के लिठकà¥à¤› विशेष मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की सेवा की जाती हैं। वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ के कà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प तय करता है वह पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ होता है, जिसे नैदानिक मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• या मनोचिकितà¥à¤¸à¤• कहते हैं। जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ यह उपचार करवाता है उसे सेवारà¥à¤¥à¥€/रोगी कहते हैं। मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ को अकà¥à¤¸à¤° वारà¥à¤¤à¤¾ उपचार कहा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कि ये अंतरवैयकà¥à¤¤à¤¿à¤• संपरà¥à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जाती है। इस की औषधियां केवल मनोचिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही दी जा सकती हैं, जो कि औषधीय चिकितà¥à¤¸à¤• होना मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तकनीकें होती हैं, जो असामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ के कारण à¤à¤µà¤‚ विकास का वरà¥à¤£à¤¨ करती हैं। इनमें मनोविशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° चिकितà¥à¤¸à¤¾, संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•-वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° चिकितà¥à¤¸à¤¾, सेवारà¥à¤¥à¥€ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैं। मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤• रूपांकित योजना है, जो कि मनोविकारों की पà¥à¤°à¤•ृति और गमà¥à¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को धयान में रखकर तैयार की जाती है।
1. सौहारà¥à¤¦ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ : मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤• सेवारà¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से अचà¥à¤›à¥‡ और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² संबंध निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ कर के उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने सहयोग का आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ देता है।
2. वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वृतà¥à¤¤ को तैयार करना : सेवारà¥à¤¥à¥€ के परिवार, मितà¥à¤°, समाज व जीविका के साथ सामंजसà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤°à¥‚प को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रख कर विशेष विकार का वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वृतà¥à¤¤ तैयार किया जाता है।
3. समसà¥à¤¯à¤¾ पर विचार करना : वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ वृतà¥à¤¤ तैयार करने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ मनशà¥à¤šà¤¿à¤•ितà¥à¤¸à¤• कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर विचार करता है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तातà¥à¤•ालिक देखरेख की जरूरत होती है, जिनका नैदानिक जांच à¤à¤µà¤‚ साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दवा देकर समाधान किया जा सकता है।
4. उपचारातà¥à¤®à¤• सतà¥à¤° : समसà¥à¤¯à¤¾ की पà¥à¤°à¤•ृति और गमà¥à¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मनोचिकितà¥à¤¸à¤• सेवारà¥à¤¥à¥€ के साथ उपचार केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ सतà¥à¤° की अगà¥à¤µà¤¾à¤ˆ करता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सतà¥à¤° के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ हà¥à¤ सà¥à¤§à¤¾à¤° का निरीकà¥à¤·à¤£ à¤à¤µà¤‚ मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन किया जाता है और आवशà¥à¤¯à¤• लगे तो à¤à¤¾à¤µà¥€ उपचार के तरीकों में बदलाव कर लिया जाता है।
5. उपचारातà¥à¤®à¤• हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª : यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो जाने पर कि सतà¥à¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वांछित परिणामों की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हो गई है तब मनोचिकितà¥à¤¸à¤• सतà¥à¤° को समापà¥à¤¤ कर देता है। सेवारà¥à¤¥à¥€ और उसके परिवार जनों को घर पर ही कà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को मानने की सलाह दी जाती है और जरà¥à¤°à¤¤ पड़नेपर सेवारà¥à¤¥à¥€ को मनोचिकितà¥à¤¸à¤• के पास दोबारा à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है।
तनाव से निपटने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तनाव से निपटने के लिठआमतौर पर कारà¥à¤¯-अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾-अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ या मनोà¤à¤¾à¤µ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का पालन करता है।
कारà¥à¤¯ अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ किसी विशेष तनाव कारक दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अधिरोपित की गई समायोजी मांग का यथारà¥à¤¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¤¾ से समाधान ढूंढना है। ये चेतन और तरà¥à¤•संगत सà¥à¤¤à¤° पर तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के वसà¥à¤¤à¥à¤¨à¤¿à¤·à¥à¤ मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन पर आधारित होती हैं। तनाव से निपटने के इन तरीकों को तीन शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है जैसे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¹à¤¾à¤° और समà¤à¥Œà¤¤à¤¾à¥¤
1. पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· रूप से सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के समà¥à¤®à¥à¤– आता है। वह साधानों के समà¥à¤à¤¾à¤µà¥à¤¯ व वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करता है। तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना करने के लिठवह सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आशाजनक कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹à¥€ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करता है और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¤à¤¾ बनाठरखता है, वहीं यदि ये कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उपयोगी न लगे तो वह इस पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ को बदल लेता है। परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ नई जानकारियां जà¥à¤Ÿà¤¾ कर, सामरà¥à¤¥à¥à¤¯ का विकास करके, वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का सà¥à¤§à¤¾à¤° करके, नठसंसाधानों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करता है। उदाहरण के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तब पà¥à¤°à¤•ट होती है जब विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल परीकà¥à¤·à¤¾ से पहले दोहराने की योजना बनाता है।
2. पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¹à¤¾à¤° या अलगाव की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने à¤à¥‚तकाल में अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• कठिन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना किया हो à¤à¤µà¤‚ उसने उसका सामना करने के लिठअनà¥à¤šà¤¿à¤¤ कूटनीति अपनाई हो, तब वह पà¥à¤°à¤¥à¤® अवसà¥à¤¥à¤¾ में अपनी असफलता को सà¥à¤µà¥€à¤•ार कर लेता है। वह शारीरिक व मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¤à¤° पर उस तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को छोड़ देता है। वह अपने पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨à¥‹à¤‚ को पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ करके उचित लकà¥à¤·à¥à¤¯ की ओर कदम बढ़ाता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¹à¤¾à¤° के उदाहरण सà¥à¤µà¤°à¥‚प जब किसी दोसà¥à¤¤ के बार-बार नकारने पर आप उससे समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§-विचà¥à¤›à¥‡à¤¦ करके दूसरे लोगों से मितà¥à¤°à¤¤à¤¾ करने के पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करते हैं।
3. समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, यदि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लगता है कि मूलà¤à¥‚त लकà¥à¤·à¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤ªà¥à¤¤à¤¿ नहीं हो सकती, तो à¤à¤¸à¥‡ में वह विकलà¥à¤ª के तौर पर दूसरे लकà¥à¤·à¥à¤¯ को सà¥à¤µà¥€à¤•ार कर लेता है। इस तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तब पà¥à¤°à¤•ट होती है जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं का पà¥à¤¨à¤°à¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करता है और अपनी अà¤à¤¿à¤²à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं के सà¥à¤¤à¤° को उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम कर लेता है। ये तनावपूरà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करने के लिठअपनाठगठसमà¤à¥Œà¤¤à¤¾à¤ªà¤°à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। उदाहरण सà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ किसी विशेष विषय में अचà¥à¤›à¥‡ अंक पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं कर पाता परंतॠवह अनà¥à¤¯ विषयों में अचà¥à¤›à¥‡ अंकों को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है और वह इस सतà¥à¤¯ को सà¥à¤µà¥€à¤•ारने की कोशिश करता है।
मनोà¤à¤¾à¤µ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ या आतà¥à¤®à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾-अà¤à¤¿à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ तरीकों से तनाव का सामना करना लाà¤à¤•ारी सिदà¥à¤§ नहीं होता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किसी समाधान पर नहीं पहà¥à¤‚चता, बस सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को आशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¨ देने के तरीके ढूंढता है। आतà¥à¤®à¤°à¤•à¥à¤·à¤• पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उदाहरण बà¥à¤¦à¥à¤µà¤¿à¤¸à¤‚गत वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ करना है जैसे यह तरà¥à¤• देना कि सà¤à¥€ विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ इसीलिठअसफल रहे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि परीकà¥à¤·à¤¾-पतà¥à¤° काफी कठिन था। इसका अनà¥à¤¯ उदाहरण है विसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ करना जैसे सखà¥à¤¤ अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• पर आ रहे कà¥à¤°à¥‹à¤§ को अपने छोटे à¤à¤¾à¤ˆ को डांट या मार कर उतारना। यहां आपने कà¥à¤°à¥‹à¤§ का विसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ किया है।
यह समà¤à¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि तनाव से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ तरीके से निपटने के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली को अपनाना चाहिà¤à¥¤ सकरातà¥à¤®à¤• सोच, मनोà¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सिरà¥à¤« तनाव से ही बेहतर तरीके से नहीं निपटा जा सकता है, वरनॠइसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हम जीवन में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ व हलà¥à¤•ा महसूस करते हैं, à¤à¤µà¤‚ अधिक योगà¥à¤¯ बनते हैं।
पà¥à¤°à¤®à¥à¤– मानसिक रोग
मानसिक विकार बहà¥à¤¤ तरह के होते हैं। ये विकार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ, मनोदशा (मूड), खाने की आदतों, चिनà¥à¤¤à¤¾ आदि से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार मानसिक रोगों की सूची बहà¥à¤¤ बड़ी है। कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ मनोरोगों की सूची नीचे दी गयी है-
अवसाद (Depression)
दà¥à¤°à¥à¤à¥€à¤¤à¤¿ (फोबिया),
मनोदशा विकार (मूड डिसà¥â€à¤†à¤°à¥à¤¡à¤°),
जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥â€à¤®à¤• विकार (कागà¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤µ डिसà¥â€à¤†à¤°à¥à¤¡à¤°),
वà¥â€à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥â€à¤µ विकार,
खंडित मनसà¥â€à¤•ता (शाइज़ोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾) और
दà¥à¤°à¤µà¥â€à¤¯ संबंधी विकार (सबसà¥â€à¤Ÿà¥ˆà¤‚स रिलेटेड डिसà¥â€à¤†à¤°à¥à¤¡à¤°) ; जैसे मदà¥à¤¯à¤¸à¤¾à¤° (à¤à¤²à¤•ोहाल) पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾
à¤à¤•धà¥à¤°à¥à¤µà¥€à¤¯ अवसाद या 'मà¥à¤–à¥à¤¯ अवसादी विकार'
दà¥à¤µà¤¿à¤§à¥à¤°à¥à¤µà¥€ विकार
सविराम विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿà¥€ विकार (आईईडी) (Intermittent explosive disorder)
चिंता
चितà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤à¥à¤°à¤®
बहà¥à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकार
मनोविकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤à¤¿
मानसिक मनà¥à¤¦à¤¨
संविà¤à¥à¤°à¤®
अंतराबंध या सà¥à¤•िजोफà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾
उतà¥à¤ªà¥€à¤¡à¤¼à¤¨ à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति
मनोरोगों के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण
मनोरोगों के कारण कई पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। इनमें से मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं :
जैविक कारण
आनà¥à¤µà¤‚शिक : मनोविकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤à¤¿ या साइकोसिस (जैसे सà¥à¤•ीजोफà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, उनà¥à¤®à¤¾à¤¦, अवसाद इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿), वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ रोग, मदिरापान, मंदबà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿, मिरà¥à¤—ी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ रोग उन लोगों में अधिक पाये जाते हैं, जिनके परिवार का कोई सदसà¥à¤¯ इनसे पीड़ित हों तो संतान को इनका खतरा लगà¤à¤— दोगà¥à¤¨à¤¾ हो जाता है।
शारीरिक गठन
सà¥à¤¥à¥‚ल (मोटे) वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रोग (उनà¥à¤®à¤¾à¤¦, अवसाद या उदासी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿), हिसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, हृदय रोग इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ अधिक होते हैं जबकि लंबे à¤à¤µà¤‚ दà¥à¤¬à¤²à¥‡ गठन वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विखंडित मनसà¥à¤•ता (सà¥à¤•ीजोफà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾), तनाव, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ रोग अधिक पाये जाते हैं।
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ
अपने में खोये हà¥à¤, चà¥à¤ª रहने वाले, कम मितà¥à¤° रखने वाले किताबी-कीड़े जैसे गà¥à¤£ वाले, सà¥à¤•ीजायड वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ वाले लोगों में सà¥à¤•ीजोफà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ अधिक होता है, जबकि अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ तथा सफाई पसंद, समयनिषà¥à¤ , मितवà¥à¤¯à¤¯à¥€ जैसे गà¥à¤£à¥‹à¤‚ वाले खपती वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के लोगों में खपत रोग (बाधà¥à¤¯ विकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤) अधिक पाया जाता है।
शरीरवृतà¥à¤¤à¤¿à¤• कारण
किशोरावसà¥à¤¥à¤¾, यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, गरà¥à¤-धारण जैसे शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ कई मनोरोगों का आधार बन सकते हैं।
वातावरण जनित कारण
शारीरिक खान-पान संबंधी कारण
कà¥à¤› दवाओं, रासायनिक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚, धातà¥à¤“ं, मदिरा तथा अनà¥à¤¯ मादक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ का सेवन मनोरोगों की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ का कारण बन सकता हैं।
मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारण
आपसी संबंधों में तनाव, किसी पà¥à¤°à¤¿à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मृतà¥à¤¯à¥, समà¥à¤®à¤¾à¤¨ को ठेस, कारà¥à¤¯ को खो बैठना, आरà¥à¤¥à¤¿à¤• हानि, विवाह, तलाक, शिशॠजनà¥à¤®, कारà¥à¤¯-निवृतà¥à¤¤à¤¿, परीकà¥à¤·à¤¾ या पà¥à¤¯à¤¾à¤° में असफलता इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ à¤à¥€ मनोरोगों को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने या बढ़ाने में योगदान देते हैं।
सामाजिक-सांसà¥à¤•ृतिक कारण
सामाजिक à¤à¤µà¤‚ मनोरंजक गतिविधियों से दà¥à¤°à¤¾à¤µ, अकेलापन, राजनीतिक, पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक या सामाजिक दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤à¤‚ (जैसे कि लूटमार, आतंक, à¤à¥‚कंप, अकाल, बाढ़, सामाजिक बोध à¤à¤µà¤‚ अवरोध, महंगाई, बेरोजगारी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿) मनोरोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं।
तथà¥à¤¯
मनोरोग चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दवाà¤à¤‚ बतायी गई हैं तो इनका सेवन अवशà¥à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤
दूसरी बीमारियों की तरह यह रोग à¤à¥€ आंतरिक सà¥à¤¤à¤° पर जैविक असंतà¥à¤²à¤¨ की वजह से होता है।
निगरानी में दवाà¤à¤‚ लेना कारगर होता है, अब तो नई दवाओं के उपलबà¥à¤§ होने के बाद लंबी अवधि तक दवाà¤à¤‚ लेने के मामले कम हो रहे हैं।
दवाओं के सेवन से मनोविकारों में काफी कमी होती है, खासतौर से तब जबकि इलाज शà¥à¤°à¥‚आती चरण में आरंठहो जाà¤à¥¤
मनोविकारों के उपचार में दी जाने वाली दवाà¤à¤‚ रासायनिक असंतà¥à¤²à¤¨ को बहाल करती हैं, कà¥à¤› दवाओं से नींद आती है लेकिन वे नींद की गोलियां नहीं होतीं।
अवसाद जैसे मनोविकार à¤à¥€ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की तरह के रोग ही होते हैं और इनके लिठà¤à¥€ विषेशजà¥à¤ž की देखरेख में इलाज कराने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
गलत धारणाà¤à¤‚
मानसिक रोग या पागलपन à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ शबà¥à¤¦ है जिससे इसके कारणों à¤à¤µà¤‚ उपचार के विषय में न जाने कितनी à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियाठà¤à¤µà¤‚ आशंकाà¤à¤ जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हैं। कà¥à¤› लोग इसे à¤à¤• असाधà¥à¤¯, आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक à¤à¤µà¤‚ छूत की बीमारी मानते हैं, तो कà¥à¤› जादू-टोना, à¤à¥‚त-पà¥à¤°à¥‡à¤¤ व डायन का पà¥à¤°à¤•ोप। कà¥à¤› लोग इसे बीमारी न मानकर जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचने का नाटक मातà¥à¤° à¤à¥€ मानते हैं।
अजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ लोग उपचार के लिठसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ या नजदीक ओà¤à¤¾, पंडित, मà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ आदि के पास जाकर अनावशà¥à¤¯à¤• à¤à¤à¥‚त, जड़ी-बूटी का सेवन करते हैं तथा अमानवीय ढ़ंग से सताये जाते हैं ताकि 'पिशाचातà¥à¤®à¤¾' का पà¥à¤°à¤•ोप दूर किया जा सके।
यह सब गलत है। सही धारणा यह है कि यह बीमारी है और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• ढंग से चिकितà¥à¤¸à¤¾ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसका इलाज संà¤à¤µ है। ये à¤à¥€ सही नहीं है कि-
मानसिक विकार कोई रोग नहीं हैं बलà¥à¤•ि बà¥à¤°à¥€ आतà¥à¤®à¤¾à¤“ं की वजह से पैदा होते हैं।
दवाओं के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤
आपको यह रोग अपनी कमजोरी से हà¥à¤† है और इससे बचाव करना चाहिà¤à¥¤
दवाà¤à¤‚ नà¥à¤•सानदायक होती हैं, ये निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ाती हैं और जीवनà¤à¤° लेनी पड़ती हैं।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मनोविकारों का कोई इलाज नहीं होता।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दवाà¤à¤‚ नहीं दी जानी चाहिà¤à¥¤
इलाज के लिठनींद की गोलियां दी जाती हैं।
अवसाद जैसे मरà¥à¤œ अपने आप ठीक होते हैं या पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से।
देवी देवताओं या à¤à¤¾à¤¡à¤¼à¤«à¥‚ंक से रोग सही हो सकता है।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मानस रोग
रजसà¥à¤¤à¤®à¤¶à¥à¤šà¥ मानसौ दोषौ-तयोवकारा काम, कà¥à¤°à¥‹à¤§, लोà¤, माहेषà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤®à¤¦ शोक चितà¥à¤¤à¥‹à¤¸à¥à¤¤à¥‹ दà¥à¤µà¥‡à¤—à¤à¤¯ हषारà¥à¤¦à¤¯à¤ƒ ।
रज और तम ये दो मानस रोग हैं । इनकी विकृति से होने वाले विकार मानस रोग कहलाते हैं ।
मानस रोग-
काम, कà¥à¤°à¥‹à¤§, लोà¤, मोह, ईषà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥, मान, मद, शोक, चिनà¥à¤¤à¤¾, उदà¥à¤µà¥‡à¤—, à¤à¤¯, हषरà¥, विषाद, अà¤à¥à¤¯à¤¸à¥‚या, दैनà¥à¤¯, मातà¥à¤¸à¤¯à¤°à¥ और दमà¥à¤ ये मानस रोग हैं ।
१. काम- इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विषय में अधिक आसकà¥à¤¤à¤¿ रखना 'काम' कहलाता है ।
२. कà¥à¤°à¥‹à¤§- दूसरे के अहित की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ जिसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मन और शरीर à¤à¥€ पीड़ित हो उसे कà¥à¤°à¥‹à¤§ कहते हैं ।
३. लोà¤- दूसरे के धन, सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ आदि के गà¥à¤°à¤¹à¤£ की अà¤à¤¿à¤²à¤¾à¤·à¤¾ को लोठकहते हैं ।
४. ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾- दूसरे की समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿-समृदà¥à¤§à¤¿ को सहन न कर सकने को ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ कहते हैं ।
५. अà¤à¥à¤¯à¤¸à¥‚या- छिदà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤µà¥‡à¤·à¤£ के सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ के कारण दूसरे के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ दोष बताना अà¤à¥à¤¯à¤¸à¥‚या या असूया कहते हैं ।
६. मातà¥à¤¸à¤°à¥à¤¯- दूसरे के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤•ट न करना अथवा कूà¥à¤°à¤°à¤¤à¤¾ दिखाना 'मातà¥à¤¸à¤°à¥à¤¯' कहलाता है ।
à¥. मोह- अजà¥à¤žà¤¾à¤¨ या मिथà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ (विपरीत जà¥à¤žà¤¾à¤¨) को मोह कहते हैं ।
८. मान- अपने गà¥à¤£à¥‹à¤‚ को अधिक मानना और दूसरे के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ का हीन दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से देखना 'मान' कहलाता है ।
९. मद- मान की बढ़ी हà¥à¤ˆ अवसà¥à¤¥à¤¾ 'मद' कहलाती है ।
१०. दमà¥à¤- जो गà¥à¤£, कमरॠऔर सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ अपने में विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ न हों, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उजागरकर दूसरों को ठगना 'दमà¥à¤' कहलाता है ।
११. शोक- पà¥à¤¤à¥à¤° आदि इषà¥à¤Ÿ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं के वियोग होने से चितà¥à¤¤ में जो उदà¥à¤µà¥‡à¤— होता है, उसे शोक कहते हैं ।
१२. चिनà¥à¤¤à¤¾- किसी वसà¥à¤¤à¥ का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करना 'चिनà¥à¤¤à¤¾' कहलाता है ।
१३. उदà¥à¤µà¥‡à¤—- समय पर उचित उपाय न सूà¤à¤¨à¥‡ से जो घबराहट होती है उसे 'उदà¥à¤µà¥‡à¤—' कहते हैं ।
१४. à¤à¤¯- अनà¥à¤¯ आपतà¥à¤¤à¤¿ जनक वसà¥à¤¤à¥à¤“ं से डरना 'à¤à¤¯' कहलाता है ।
१५. हरà¥à¤·- पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ या बिना किसी कारण के अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की हानि किठबिना अथवा सतà¥à¤•रà¥à¤® करके मन में पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ का अनà¥à¤à¤µ करना हषरॠकहलाता है ।
१६. विषाद- कारà¥à¤¯ में सफलता न मिलने के à¤à¤¯ से कारà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ साद या अवसाद-अपà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 'विषाद' कहलाता है ।
१à¥. दैनà¥à¤¯- मन का दब जाना- अथारà¥à¤¤à¥ साहस और धरà¥à¤¯ खो बैठना दैनà¥à¤¯ कहलाता है ।
ये सब मानस रोग 'इचà¥à¤›à¤¾' और 'दà¥à¤µà¥‡à¤·' के à¤à¥‡à¤¦ से दो à¤à¤¾à¤—ों में विà¤à¤•à¥à¤¤ किये जा सकते हैं । किसी वसà¥à¤¤à¥ (अथरà¥) के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤²à¤¾à¤·à¤¾ का नाम 'इचà¥à¤›à¤¾' या 'राग' है । यह नाना वसà¥à¤¤à¥à¤“ं और नà¥à¤¯à¥‚नाधिकता के आधार पर à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है ।
हरà¥à¤·, शोक, दैनà¥à¤¯, काम, लोठआदि इचà¥à¤›à¤¾ के ही दो à¤à¥‡à¤¦ हैं । अनिचà¥à¤›à¤¿à¤¤ वसà¥à¤¤à¥ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿ या अरà¥à¤šà¤¿ को दà¥à¤µà¥‡à¤· कहते हैं । वह नाना वसà¥à¤¤à¥à¤“ं पर आशà¥à¤°à¤¤ और नाना पà¥à¤°à¤•ार का होता है । कà¥à¤°à¥‹à¤§, à¤à¤¯, विषाद, ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾, असूया, मातà¥à¤¸à¤°à¥à¤¯ आदि दà¥à¤µà¥‡à¤· के ही à¤à¥‡à¤¦ हैं ।
| --------------------------- | --------------------------- |